एक तो भारत में पहले से से महंगाई इतनी बढ़ी हुई है और RBI ने इस महंगाई  को और बढ़ा दिया है

भारत में महंगाई  को RBI अपने Repo Rate से कंट्रोल करता है यदि RBI इस repo rate को बढ़ा देता है तो महंगाई और बढ़ जाती है

अप्रैल 2022 में थोक महंगाई 15.08 के दर पर पहुच गया है जो 1998 के बाद यह सबसे ज्यादा है

इस समय महंगाई अपने चरम सीमा पर है इसको नियंत्रण करने के लिए RBI ने आपातकालीन मीटिंग करवाई थी

उच्च स्तर पर पहुंची महंगाई को कम करने की वजाए RBI ने Repo rate को 0.50 की दर से बढ़ा कर 4.90 फीसदी कर दी है

आमतोर पर Repo rate को जल्दी नही बढाया जाता लेकिन इस महीने RBI ने repo rate को दो बार बढ़ा दिया है

Repo Rate के बढ़ने से लोगो के तमाम तरह के खर्चे, लोन, और समान्य चीजे और भी महंगे हो चुके है

इस महंगाई को कंट्रोल करने के लिए RBI ने पिछले कुछ महीने में कड़े कदम उठाए है

फूड इंफ्लेशन 7.68 फीसदी से बढ़ कर अप्रैल में 8.38 फीसदी पर पहुंच गई मतलब फल और सब्जिया और महंगे हो गये है

दूसरी तरफसरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम किया है जिनसे इनके कीमत में गिरावट की संभावना है